क्या "Self Defence" की आड़ में हुए हर Encounter की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए?

25 Jun 2026 : 22:30 Comments:  Views: 
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Posted by Administrator

क्या "Self Defence" की आड़ में हुए हर Encounter की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए?

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यदि किसी पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में यह दावा किया जाता है कि गोली चलाना आत्मरक्षा (Self Defence) में आवश्यक था, तब भी कानून का शासन (Rule of Law) यह मांग करता है कि घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।

भारत में पुलिस मुठभेड़ों की जांच के लिए विधिक प्रक्रिया और दिशानिर्देश मौजूद हैं, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि बल का प्रयोग कानूनसम्मत था तो वह स्थापित हो, और यदि किसी प्रकार की अवैधता हुई हो तो उसकी जवाबदेही तय की जा सके।

मेरा प्रश्न केवल इतना है:

क्या प्रत्येक Encounter, विशेषकर विवादित मामलों में, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि न्याय व्यवस्था और जनता का विश्वास और मजबूत हो सके?

Disclaimer:

यह पोस्ट केवल विधिक एवं सार्वजनिक नीति पर आधारित चर्चा के उद्देश्य से है। किसी भी विशेष मामले में दोष या निर्दोषता का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय और विधिसम्मत जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।

— Dr. Anthony Raju

Advocate, Supreme Court of India

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