Tuesday, October 06, 2026
Quick News:
- Supreme Court on POCSO Allegations Arising in Matrimonial Disputes: Key Safeguards
- पुलिस ने पहली गिरफ्तारी में गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं बताए… तो क्या आरोपी को पुलिस अपनी मर्जी से दोबारा गिरफ्तार कर सकती है?” Supreme Court
- मानवाधिकार परिषद ने कालकाजी मंदिर के निकट कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर चिंता जताई; महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग
- जमुई की नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना पर AICHLS की कड़ी निंदा, दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने POCSO Act की धारा 6 और IPC की धारा 363 के तहत दोषसिद्ध एक व्यक्ति को बरी कर दिया।
- POCSO केस खारिज: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी — बरी होना भी हर नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता Dr. Anthony Raju, Advocate Supreme Court & POCSO Expert की कानूनी राय
- Landmark Judgement : principles governing grant of bail, criminal antecedents, disclosure of material facts, and interference with an erroneous bail order.
- “न्यायाधीश को शक्तिशाली लोगों से नहीं डरना चाहिए — न्याय निर्भीक रहना चाहिए।”*
- DR. ANTHONY RAJU ⚖️ ADVOCATE | SUPREME COURT OF INDIA ???? WELL-KNOWN CRIMINAL ADVOCATE | HUMAN RIGHTS DEFENDER
- एक दिन में 10 नवजातों की मौत! क्या यह सिर्फ आंकड़ा है या व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल?
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